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पोटलीवाले गणेशजी का आम फलों एवं आम्ररस से किया अभिषेक
गर्भगृह में आम्रवाटिका के बीच चंद्रोदय के बाद महाआरती और प्रसाद वितरण
इंदौर। जूनी इंदौर चंद्रभागा स्थित प्राचीन पोटलीवाले रिद्धि-सिद्धि चिंतामण गणपति मंदिर में आज संकष्टी चतुर्थी एवं बुधवार के उपलक्ष्य में आम्र महोत्सव मनाया गया। स्वर्णमंडित सिंहासन पर विराजित गणेशजी के गर्भ गृह को आम के 11 किस्म के 11 सौ फलों एवं हरी भरी आम्र वाटिका में सजाया गया।
इन्हीं फलों से गणेशजी की अर्चना भी की गई। चंद्रोदय होने पर रात 10.21 बजे महाआरती के बाद भक्तांे के बीच आम का प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर पर सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता जुटा रहा।
मंदिर के पुजारी पं. गणेशप्रसाद पुराणिक एवं पं. दीपेश-मयंक पुराणिक ने बताया कि संकष्टी चतुर्थी के उपलक्ष्य में मंदिर पर आज सुबह से पूजा-अर्चना के बाद आम्र रस से गणेश अथर्वशीर्ष पाठ से अभिषेक प्रारंभ किया गया।
गणेश सहस्त्र नामावली द्वारा आम के 11 सौ फलों से गणेशजी की अर्चना की गई। गणेशजी को चंदन का लेप लगाकर अभिषेक पूजन के बाद भोग लगाया गया। भोग में आम से निर्मित मिष्ठान्न आम रस, आमपाक, आम के पापड़ एवं अन्य व्यंजन समर्पित किए गए।
मंदिर के गर्भगृह के चारों और रंगीन विद्युत सज्जा के बीच गणेशजी की छवि और अधिक आकर्षक बन गई थी। मंदिर के गर्भगृह को आम्र पर्ण एवं अशोक के पत्तों से वाटिका के रूप में श्रृंगारित कर रात्रि में चंद्रोदय के समय महाआरती के बाद आम का प्रसाद भक्तों मंे वितरण किया गया।
मंदिर पर आम्र महोत्सव की परंपरा बहुत पुरानी है। रात्रि में महाआरती के बाद आम एवं आम के व्यंजनों का प्रसाद भक्तों मंे वितरित किया गया। इस दौरान सुबह से देर रात तक भक्तों का मंदिर पर तांता लगा रहा। अनेक भक्त भी आम ले कर आए और गणेशजी को समर्पित किए।


